Patient Education
क्राउन और ब्रिज (टोपी और सेतु)
क्राउन
जब कोई दाँत बीच से टूट जाए, या उसमें कोई बहुत बड़ा या पुराना भराव हो, या सड़न के कारण बहुत बिगड़ गया हो तो यह संभव है कि आपके दाँत के डॉक्टर उस पर क्राउन या टोपी लगाने की सलाह दें। इन टोपियों द्वारा दाँत के बचे हुए ढांचे का समर्थन एवं सुरक्षा होती है, और इससे आपकी मुस्कान भी बेहतर बन जाती है। क्राउन कई प्रकार के होते हैं, जैसे कि केवल पोर्सिलेन (चीनी-मिट्टी) के, पोर्सिलेन और धातु के, या केवल धातु के।

क्राउन पहनाने के लिए आपको दाँत के डॉक्टर के पास कम से कम दो बार जाना होगा। सबसे पहले आपके दाँत के डॉक्टरः
सड़न को हटाकर दाँत की शकल ठीक करते हैं।
दाँत का ढांचा बनाते हैं।
प्लास्टिक या धातु का अस्थायी या अंतर्वर्ती क्राउन बनाकर दाँत पर लगा देते हैं।
दूसरी बार वहः
अस्थायी क्राउन को निकालकर स्थायी क्राउन लगाकर उसे ठीक से बैठा देते हैं। तब क्राउन को सीमेंट द्वारा अपनी जगह पर चिपका दिया जाता है।
सेतु
दाँतों के गिर जाने पर दंत-स्वास्थ्य और व्यक्तिगत शकल पर जो असर पड़ता है वैसा असर कम ही चीजों से पड़ता है। जब एक या अनेक दाँत गिर जाते हैं तो बाकी दाँतों को अपनी जगह से बिखर जाने की संभावना होती है, जिसके परिणामस्वरूप दाँत ठीक से बैठते नहीं हैं, और भी दाँत गिर सकते हैं, और दाँतों में सड़न तथा मसूड़ों की बीमारी हो सकती है।

जब दाँत गिर जाता है तो आपके दाँत के डॉक्टर सेतु लगाने की सलाह आपको दे सकते हैं। जब एक या अनेक नकली दाँत लगाकर उन्हें दोनों तरफ एक या अनेक क्राउनों से स्थिर किया जाता है तो इसे सेतु कहते हैं।
पहले आपके दाँत के डॉक्टर खाली जगह की दोनों तरफ के दाँतों पर क्राउन पहनाने की तैयारी करते हैं, और तब प्रभावित क्षेत्र का छापा निकालते हैं।
अस्थायी या अंतर्वर्ती क्राउन बनाकर दाँत पर लगा देते हैं।
अगली बार वो स्थायी क्राउन लगाकर उसे सीमेंट द्वारा अपनी जगह पर ठीक से बैठा देते हैं।

याद से अपने दाँत के डॉक्टर द्वारा बताए हुए विशेष दंत-सेवा आदेशों का घर पर पालन करें।


©कापीराइट 1993 आन टार्गेट मीडिया, इंक., सिनसिनैटी, ओहायो